कांकेर फ़िल्म जो की एक राजवीर नाम के फ़ौजी की कहानी है । छत्तीसगढ़ के नक्सलवादी क्षेत्र कांकेर जंगल में होली की रात उसके साथ दुर्घटना हो जाती है । जिस वजह से वो दुःख और शोक में डूब जाता है । वो अपने लिए प्लान बनाता है जो की उसे उस दुःख से उबार सकता है । वो एक साल बाद उसी होली की रात को अपने गांव लौटता है । मगर राजवीर का प्लान उसके लिए ही ख़तरनाक है । उसके दोस्त के लड़के विवेक के आने से कहानी में मोड़ आता है और फिल्म अपना मर्म कहती है की सज़ा गुनेहगार के लिए होती है गलती के लिए नहीं ,गलती का सिर्फ पश्चाताप होता है। कहानी एक फौजी के दर्द को जो की सीमा पर या ऑपरेशन में महसूस करता है उस को अच्छे से प्रदर्शित करती है । अनुराग ने इस फिल्म में विवेक का रोल किया है । जो की एक वामपंथी विचारधारा का व्यक्ति है।
अनुराग राठौड़ जो की मूलतः भीलवाडा से है पिछले पांच वर्षो से थिएटर में सक्रिय है । अभी भीलवाडा थिएटर में रंगकर्म कर रहे है। इस फ़िल्म का लेखन भी अनुराग ने किया है और जयपुर में इसे शूट किया गया है । यह फिल्म ओटीटी प्लेटफोर्म एमेक्स प्लेयर और हंगामा प्ले पर रिलीज़ हुई है।