भरतपुर। राजस्थान मेंकुछ दिन पहले ही गुर्जर आंदोलन की आग किसी तरह से बुझ पायी थी की केंद्र में ओबीसी वर्ग में आरक्षण की मांग को लेकर बुधवार को जाटों ने भी हुंकार भरते हुए आंदोलन के चेतावनी दे डाली है। अपनी मांगों के लिए आंदोलन की रणनीति बनाने के लिये भुसावर थाना इलाके के गांव पथेना में जाट महापंचायत में जाट समाज ने गहलोत सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। जाटों ने सरकार को चेतावनी दी है की ऐसी चार महापंचायत जिले में की जाएंगी और उसके बाद तय कर आंदोलन का बिगुल बजाय जायेगा। इसलिए समय रहते सरकार उनकी मांग पूरी कर दे नहीं तो भरतपुर के आरक्षण आंदोलन की आग उत्तर प्रदेश और हरियाणा तक फैलेगी।
उधर, जाट महापंचायत को देखते हुए बुधवार को जिला पुलिस प्रशासन भी अलर्ट रहा और कई जगह पुलिस जाप्ता तैनात किया गया। वहीं पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी महापंचायत को लेकर निगरानी रखे हुए थे। इस महापंचायत के साथ ही भरतपुर और धौलपुर जिले के जाटों को केंद्र में आरक्षण देन, विगत जाट आंदोलन के दौरान लगे आंदोलनकारियों से मुकदमें वापस लेने और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग के लिए जाट समुदाय आंदोलन की राह पर चल दिया है।
भरतपुर धौलपुर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह ने कहा की विगत 2017 में हुए जाट आंदोलन समझौता के दौरान राज्य सरकार ने जाटों को वादा किया था कि दोनों जिलों के जाटों को केंद्र में आरक्षण के लिए राज्य सरकार चिट्ठी लिखेगी। दर्ज मुकदमों को वापस लिया जायेगा और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाएगी। लेकिन सरकार ने इन मांगों को अभी तक पूरा नहीं किया है।